केरल के खिलाड़ियों के लिए समस्या बनी मछली और चिकन की कमी

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भिवानी। भीम स्टेडियम में 69वीं राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि कुछ राज्य के खिलाड़ियों को हरियाणवी भोजन पसंद नहीं आ रहा। जिला शिक्षा विभाग आयोजक होने के नाते दावा कर रहा है कि खिलाड़ियों के लिए सभी प्रबंध सुचारू रूप से चल रहे हैं लेकिन केरल के कई खिलाड़ियों को हरियाणवी खाना रास नहीं आ रहा है। उन्हें चिकन तो मिल रहा है। लेकिन मछली और चावल की गुणवत्ता पसंद नहीं आ रही है। इस कारण खिलाड़ी अपने स्तर पर भोजन का प्रबंध कर रहे हैं।

शनिवार को संवाद न्यूज एजेंसी के संवाददाता ने स्टेडियम में खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टेडियम के बास्केटबाल मैदान के पास केरल के खिलाड़ियों का एक दल दोपहर के समय खाना खाने के बाद नलकूप का पानी पीता दिखाई दिया। बातचीत के दौरान केरल के खिलाड़ी हिंदी केवल दो-तीन फीसदी ही समझ पा रहे थे। हालांकि टीम में उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अनुराग भी शामिल थे जो केरल के एक स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं और इस कारण केरल की टीम का हिस्सा हैं। अनुराग इस दौरान संवाददाता और केरल खिलाड़ियों के बीच हिंदी अनुवादक की भूमिका निभाई।

खिलाड़ियों ने बताया कि हरियाणा में आकर अच्छा लग रहा है लेकिन यहां का खाना खाने में परेशानी हो रही है। इसलिए वे आयोजकों का खाना नहीं खाते और अपने साथ आए कुक से भोजन बनवाते हैं। अनुराग ने बताया कि केरल के खिलाड़ी चावल, चिकन, मछली और अंडे अधिक पसंद करते हैं जबकि रोटी और सब्जी कम खाते हैं। इस कारण उन्हें यहां का खाना पसंद नहीं आ रहा। पीने के पानी के संबंध में उन्होंने कहा कि आरओ वाटर की व्यवस्था नहीं है बल्कि नलकूप से जमीनी पानी पी रहे हैं जो पीने योग्य है। रात में रहने के लिए स्कूलों में व्यवस्थाएं की गई हैं और वे सुविधाओं से संतुष्ट हैं।

आयोजकों की तरफ से ये मिल रहा खाना

सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय परिसर में खिलाड़ियों के लिए सुबह नाश्ता, दोपहर को लंच और रात में डिनर का प्रबंध किया गया है। खाने में रोटी, सब्जी, चावल, दाल, रायता, सलाद, जलेबी, खीर, मूंग का हलवा, गाजर का हलवा और रसगुल्ला शामिल हैं। नाश्ते में उबले अंडे, दूध, सेब, केला, कोर्न फ्लैक्स और पोहा परोसा जा रहा है। लेकिन कुछ राज्यों के खिलाड़ियों के लिए यह पर्याप्त नहीं है इसलिए वे अपने स्तर पर भोजन का प्रबंध कर रहे हैं।

मैन्यू में शामिल नहीं था चिकन लेकिन तीन बार दिया गया

संवाददाता से बातचीत में खिलाड़ियों ने बताया कि तीन दिन में तीन बार उन्हें चिकन भी दिया गया। हालांकि मैन्यू में शुरुआत में चिकन नहीं था लेकिन खिलाड़ियों की जरूरत को देखते हुए इसे शामिल किया गया। कुछ खिलाड़ी सिर्फ चिकन और मछली पसंद करते हैं इसलिए उन्हें सबसे अधिक परेशानी हो रही है। तीनों समय नॉन वेज का प्रबंध उनके लिए जरूरी था लेकिन ऐसा व्यवस्था नहीं है।

69वीं राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिता का रविवार को अंतिम दिन है। हमारी तरफ से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दी गई हैं। लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग रहने और खाने की व्यवस्था की गई है। नहाने के लिए गर्म पानी, सोने के लिए गद्दे और गर्म कंबल उपलब्ध हैं। नॉन वेज भी खिलाड़ियों को दिया जा रहा है। अच्छी गुणवत्ता का खाना खिलाड़ियों को परोसा जा रहा है।