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तनाव और अवसाद का समाधान: बस 15 मिनट ध्यान

करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. सौभाग्य कौशिक का कहना है कि यदि आप दिन में 10 से 15 मिनट खुद के लिए नहीं निकाल पा रहे, हर समय मोबाइल आपके हाथों में है, हर समय उलझन जैसा महसूस करते हैं तो हो सकता है आप तनाव, बेचैनी और अनिद्रा की समस्या से घिरे हुए हैं। ऐसे में आपके लिए सबसे जरूरी है ध्यान। जिला नागरिक अस्पताल की मानसिक रोग ओपीडी में आने वाले मरीजों के उपचार में भी ध्यान का प्रयोग किया जाता है।

डॉ. सौभाग्य का कहना है कि हर छोटी से बड़ी समस्या का समाधान हमारे भीतर ही है जो केवल ध्यान के रूप में केवल 15 मिनट खुद को देने से मिल सकता है। हर समय उलझन, मोबाइल और सोशल मीडिया की लत, देर रात तक स्क्रीन देखना और नींद की कमी खासतौर पर युवाओं को मानसिक रोग ओपीडी तक ले जा रही है। इस प्रकार की जीवनशैली भविष्य की अनिश्चितता चिंता और अवसाद के मामलों को लगातार बढ़ा रही है।

उन्होंने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में से 50 प्रतिशत को तनाव और अवसाद की समस्या होती है। इनमें भी आधे से अधिक युवा होते हैं। ध्यान को दिनचर्या में शामिल करने से तनाव और अवसाद की समस्या का समाधान किया जा सकता है। तनाव या चिंता ही नहीं हर तरह के मानसिक रोग से बचाव कर सकते हैं।

 70 से 80 प्रतिशत लक्षणों को करते हैं नजरअंदाज

ओपीडी में रात को नींद नहीं आने या फिर हर वक्त मन में अनजानी चिंता लेकर पहुंच रहे हैं। डॉ. सौभाग्य का कहना है कि ये संकेत तनाव के हैं और इसमें केवल वे लोग नहीं है जो ओपीडी में आते हैं। 70 से 80 प्रतिशत लोग वे भी हैं जो जानते हुए या फिर छोटे लक्षण को नजरअंदाज कर देते हैं और अवसाद और तनाव से जूझते रहते हैं। बदलती दिनचर्या, काम का दबाव, आर्थिक चिंता और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच मानसिक तनाव आज हर दूसरे व्यक्ति की कहानी बन चुका है। जिला नागरिक अस्पताल की मानसिक रोग ओपीडी में रोजाना करीब 100 लोग तनाव से जुड़ी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। इनमें आधे लोगों को ये भी नहीं पता होता है कि वे किस हद तक तनाव से जूझ रहे हैं। काउंसिलिंग या बातचीत के बाद उन्हें असल में मालूम पड़ता है।

श्वास ध्यान 

शांत जगह पर बैठकर आंखें बंद करें और सिर्फ अपनी सांसों पर ध्यान लगाएं। तनाव, घबराहट और गुस्से को शांत करने में मदद मिलती है।

माइंडफुलनेस मेडिटेशन

लगातार चिंता और बेचैनी से जूझ रहे लोगों के लिए यह लाभकारी है। आवाज, विचार, भावनाएं स्वीकार करें, आसपास की अच्छी चीजों को अंदर तक महसूस करें।

मंत्र ध्यान 

इसमें किसी एक मंत्र का मन ही मन या धीमी आवाज में जाप करें। मंत्र की लय मन को स्थिर करेगी। नकारात्मक विचार दूर होंगे। एकाग्रता बढ़ेगी।

योग निद्रा

इसमें व्यक्ति लेटकर शरीर को आराम देता है और ध्यान करता है। अनिद्रा, मानसिक थकावट, अवसाद और तनाव राहत मिलती है।