50+ गवाहों के बयान दर्ज, जांच में 14 अधिकारी सक्रिय

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चंडीगढ़: एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले में अब तक 14 अधिकारी जांच में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी ने 50 से अधिक गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं। इसमें अधिकतर रोहतक के पुलिस कर्मचारी शामिल हैं।

एसआईटी जल्द इस मामले की रिपोर्ट चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी डॉ, सागर प्रीत हुड्डा को सौंपेगी। एसआईटी ने पूरण कुमार के सुसाइड नोट के आधार पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, रोहतक के तत्कालीन एसपी नरेंद्र बिजारणिया, तत्कालीन डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत सभी अधिकारियों से पूछताछ की है।

पूरण कुमार के गनमैन रहे सुशील कुमार को रोहतक पुलिस ने 6 अक्तूबर की रात को गिरफ्तार किया था। उस पर शराब कारोबारी प्रवीण बंसल से ढाई लाख रुपये प्रति माह रिश्वत मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी के अगले दिन सात अक्तूबर को चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर वाई पूरण कुमार ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

पूरण कुमार ने अपने सुसाइड नोट में 15 अधिकारियों का जिक्र किया था। इनमें से 11 पर उत्पीड़न करने के आरोप लगाए थे। एसआईटी ने 29 दिसंबर को दोपहर करीब दो बजे से रात 12 बजे तक रोहतक पुलिस के डीएसपी, एसएचओ व शराब ठेकेदार से सुशील कुमार के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर कई घंटे पूछताछ की थी।