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शादी के लिए छुट्टी लेना गुनाह नहीं! बर्खास्त CRPF जवान को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, सेना के फैसले को बताया गलत

भिवानी : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab Haryana Highcourt) ने शादी के लिए 3 दिन अनुपस्थित रहने पर बर्खास्त किए गए CRPF जवान को बहाल करने का अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने इसे प्राकृतिक न्याय का खुला उल्लंघन बताते हुए जवान को सेवा में बहाल करने, पूरी सेवा निरंतरता देने और बकाया वेतन व लाभों का 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करने के आदेश दिए है। 

यही नहीं कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वर्दी पहनने से कोई नागरिक अपने मौलिक अधिकार नहीं खो देता। कोर्ट ने कहा कि 3 दिन की गैरहाजिरी, वह भी विवाह जैसे कारण मामूली है। 2 साल से अधिक प्रशिक्षण और सेवा देने वाले जवान को निकालना मनमाना, अनुपातहीन और अनुच्छेद 14 व 16 का उल्लंघन है। 

बता दें कि भिवानी निवासी पूर्व कांस्टेबल जीडी नवीन की सीआरपीएफ में 5 जनवरी 2015 को नियुक्ति हुई थी। उन्होंने गुरुग्राम, बिहार, केरल, महाराष्ट्र (लातूर) और ग्वालियर में प्रशिक्षण लिया। अप्रैल 2017 में उनकी शादी थी, जिसके लिए उन्होंने छुट्टियां मांगी, लेकिन नहीं मिली। इसके बावजूद वे 26 से 29 अप्रैल 2017 तक 3 दिन छुट्टी पर रहे। नवीन ने बताया कि शादी करते ही तुरंत वापस ड्यूटी पर आ गया था।