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उचाना चुनाव विवाद में हाईकोर्ट में गवाही पूरी

हरियाणा के उचाना विधानसभा इलेक्शन विवाद पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में आज फिर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में आज चुनाव अधिकारी आईएएस विवेक आर्य की गवाही पूरी हो गई। उन्होंने गवाही के दौरान बताया कि उन्होंने पोस्टल बैलेट का रिवेरिफिकेशन कराया था। हालांकि उस समय वहां पर सिर्फ अधिकारीगण, जीतने वाले पक्ष के लोग ही मौजूद थे।

हारने वाले पक्ष का कोई भी व्यक्ति उस समय वहां मौजूद नहीं था। इस पर उनसे सवाल किया गया कि क्या आपके द्वारा उन्हें बुलाया गया था। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उनके द्वारा माइक पर अनाउंस कराया था कि हम इस विधानसभा के पोस्टल बैलेट का रिवेरिफिकेशन करा रहे हैं, लेकिन इसका हमारे पास अभी कोई लिखित रिकार्ड नहीं है।

गवाही पूरे होने के बाद अब पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से दूसरे पक्ष यानी बीजेपी विधायक देवेंद्र अत्री से गवाहों की लिस्ट मांगी है। कहा गया है कि 10 अप्रैल तक गवाहों की लिस्ट हाईकोर्ट में सबिट कर दी जाए। यह भी कहा गया है कि मामले में 16 अप्रैल से गवाही शुरू की जाएगी।

विधानसभा चुनाव के परिणाम के खिलाफ मार्च में बृजेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कहा था कि जो कैंसिल या रिजेक्ट वोट होते हैं, यदि उसका अंतर इलेक्शन की हार-जीत के अंतर से ज्यादा है, तो गिनती खत्म होने के बाद उन सभी कैंसिल वोटों की दोबारा से जांच रिटर्निंग अधिकारी को मौके पर करनी होती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

कांग्रेस प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह ने कहा था कि 150 वोट केवल इसलिए कैंसिल किए गए हैं, क्योंकि पोस्टल बैलेट के लिफाफे के ऊपर जो स्कैनर था, उनकी स्कैनिंग नहीं हो पा रही थी, इसलिए वो रिजेक्ट के डिब्बे में डाले गए। जिन वोटों की स्कैनिंग नहीं होती, तो उन लिफाफों को कैसे खोलना है, इसकी भी प्रक्रिया है, जो गिनती के दौरान नहीं की गई।

वोटों की जीत-हार का अंतर मात्र 32 वोटों का है, इसलिए यह काउंटिंग जरूरी थी।

जुलाई 2025 में हाईकोर्ट में पिटीशन पर सुनवाई हुई। अत्री के वकील ने याचिका पर सवाल उठाए, लेकिन जज ने कहा कि अत्री को इतना डर क्यों लग रहा है। इसके बाद अत्री ने 10 आपत्तियां लगाई। सितंबर में हाईकोर्ट ने अत्री की अपील पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने बृजेंद्र की पिटीशन को खारिज करने की मांग की थी। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा।

हाईकोर्ट ने अत्री की पिटीशन खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने बृजेंद्र की रीकाउंटिंग मांग को रोकने की अपील की थी। हाईकोर्ट में मुद्दे फ्रेम किए गए। 23 सितंबर को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने रिटर्निंग ऑफिसर को तलब किया। बृजेंद्र सिंह भी कोर्ट में पेश हुए और दोहराया कि 150 पोस्टल बैलट के लिफाफे नहीं खोले गए।

फरवरी 2026 में ही देवेंद्र अत्री ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दायर की, जिसमें हाईकोर्ट की कार्यवाही रोकने और रिकाउंटिंग न कराने की मांग की। अब सुप्रीम कोर्ट ने अत्री की याचिका खारिज कर दी, जिससे हाईकोर्ट में सुनवाई जारी रहेगी।