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ठंड में बुजुर्गों की बढ़ी जकड़न, बाजार में ₹120 से ₹200 में मिल रही गर्म सिकाई की बोतलें

भिवानी। जिले में ठिठुरन भरी ठंड के कारण खासकर बुजुर्गों में शरीर की जकड़न की समस्या बढ़ गई है। इसके चलते जोड़ों के दर्द, बदन दर्द और कमर दर्द की शिकायतें सामने आ रही हैं। दर्द से राहत पाने के लिए लोग अब इलेक्ट्रिक गर्म सिकाई की बोतल का अधिक प्रयोग कर रहे हैं। वहीं ठंड से बचाव के लिए हीटर जैसे अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बिक्री में भी इजाफा हुआ है।

दुकानदार विकास कुमार और साहिल ने बताया कि बदन दर्द से राहत पाने के लिए लोग इलेक्ट्रिक गर्म सिकाई की बोतल खरीद रहे हैं। पिछले करीब दस दिनों से इनकी बिक्री में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि बाजार में यह बोतलें 120 रुपये से लेकर 200 रुपये तक उपलब्ध हैं। बोतल की क्वालिटी के अनुसार इनके दाम तय होते हैं। लोग इन्हें गर्म कर शरीर के दर्द वाले हिस्से पर सिकाई करते हैं जिससे दर्द में राहत मिलती है। इसी कारण सर्दी के मौसम में होने वाले बदन दर्द, जोड़ों के दर्द और गठिया जैसी समस्याओं में लोग इन बोतलों का अधिक प्रयोग कर रहे हैं।

पैर में दर्द की समस्या है। जैसे ही ठंडी हवा चलती है तो दर्द और तेजी से बढ़ जाता है। अगर गर्म पानी से सिकाई करते हैं तो दर्द में राहत मिलती है लेकिन पानी जल्दी ठंडा हो जाता है। इस कारण अब सिकाई के लिए बिजली से चार्ज होने वाली बोतल ले रहा हूं। 130 रुपये की बोतल मिली है।

सर्दी में शरीर में जकड़न बनी हुई है। पूरा बदन दर्द कर रहा है। घर में भी इस तरह के दो-तीन मरीज हैं। इस कारण शरीर की मसाज के लिए मसाजर और सिकाई के लिए गर्म बोतल ले रहा हूं। बोतल से सिकाई करने के बाद दर्द में राहत मिलती है। पहले भी प्रयोग की थी वह खराब हो गई थी इसलिए नई बोतल ली है। -जगदीश, बवानीखेड़ा निवासी।

मेडिकल कॉलेज में भी बढ़ रहे दर्द के मरीज

शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में स्थित हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास प्रतिदिन औसतन 350 से 400 मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकतर मरीज बदन और जोड़ों के दर्द से परेशान हैं। चिकित्सक मरीजों को विटामिन डी की पूर्ति करने और खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष श्योराण ने बताया कि ठंड के मौसम में विशेष रूप से बुजुर्गों को ठंडी खाद्य सामग्री खाने से परहेज करना चाहिए। सुबह-शाम सैर पर जाने से बचें। यदि धूप निकलती है तो सुबह के समय धूप में बैठकर विटामिन डी की पूर्ति करनी चाहिए।