भिवानी। जिले में मंगलवार को न्यूनतम तापमान सोमवार के मुकाबले एक डिग्री सेल्सियस बढ़ा लेकिन 9 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने ठंड का असर और बढ़ा दिया। दिनभर लोग ठिठुरते नजर आए और सर्दी से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव का सहारा लेते रहे। ठंड के प्रभाव के कारण बाजारों में रौनक कम रही और दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हुआ।
जूई क्षेत्र में भी शीतलहर का असर साफ दिखाई दिया। बस स्टैंड, बाजार, चौक-चौराहों और गांवों की गलियों में लोग अलाव जलाकर सर्दी से बचाव करते नजर आए। किसान रणबीर, महेंद्र और रतिपाल ने बताया कि यदि इसी तरह ठंड बनी रही तो इस बार फसलों की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद है। ठंड का असर गेहूं और सरसों की फसलों के लिए फायदेमंद है।
सांस व अस्थमा के मरीज ठंडी हवा में निकलने से बचें
शीतलहर के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। सांस और अस्थमा के मरीजों के साथ कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। ठंडी हवा की चपेट में आने से बच्चों में निमोनिया और छाती जाम होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं बुजुर्गों में सांस लेने में दिक्कत, जोड़ों के दर्द और बदन दर्द की समस्या बढ़ रही है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन मरीजों की संख्या 1500 तक पहुंच रही है। फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि सर्दी के मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। अधिक ठंडी खाद्य सामग्री से परहेज करें। बीपी और शुगर के मरीज तैलीय और घी से बनी चीजों का सीमित मात्रा में सेवन करें। बुजुर्गों को सुबह-शाम ठंडी हवा में निकलने से बचना चाहिए और बाहर जाते समय शरीर को पूरी तरह गर्म कपड़ों से ढंक कर ही निकलना चाहिए।
साढ़े पांच घंटे देरी से पहुंची गोरखधाम ट्रेन

















