Advertisement

हरियाणा में 6 दिन पहले भी वोटिंग संभव,कांग्रेस ने स्क्रीनिंग कमेटी मीटिंग टाली

चंडीगढ़।
हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीख बदलने पर आज फैसला हो सकता है। इस मामले को लेकर चुनाव आयोग ने दिल्ली में बैठक बुलाई है। जिसमें सभी बिंदुओं पर चर्चा के बाद नई तारीख का ऐलान हो सकता है।
चर्चा यह भी है कि चुनाव आयोग एक अक्टूबर की बजाय 6 दिन पहले 25 सितंबर को वोटिंग करा सकता है। इसी दिन जम्मू-कश्मीर में दूसरे चरण के लिए मतदान होगा। ऐसे में आयोग को मतगणना डेट नहीं बढ़ानी पड़ेगी।
भाजपा और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने चुनाव आयोग को चिट्ठी भेजकर छुटि्टयों और बिश्नोई समाज के धार्मिक कार्यक्रम का हवाला देकर तारीख बदलने की मांग की थी।
तब चर्चा चली थी कि चुनाव आयोग 7 या 8 अक्टूबर को वोटिंग करा सकता है। ऐसा होने पर जम्मू-कश्मीर की मतगणना की तारीख भी बदल सकती है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर और हरियाणा की मतगणना की तारीख 4 अक्टूबर तय की गई है।
वहीं चुनाव तारीखों में बदलाव की संभावना देखते हुए कांग्रेस ने दिल्ली में होने वाली आज की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक को टाल दिया है। 4 दिन की इस मीटिंग में बूथ लेवल कमेटियों से स्क्रीनिंग कमेटी चेयरमैन ने दावेदारों का फीडबैक लेना था। जिसे आगे राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को दिया जाना था। कांग्रेस भी चुनाव आयोग की घोषणा का इंतजार कर रही है।
25 अक्टूबर को भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने चुनाव आयोग को लेटर भेजा था। जिसमें उन्होंने लिखा कि 28 और 29 सितंबर को शनिवार-रविवार है। 1 अक्टूबर को वोटिंग होगी, जबकि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और 3 अक्टूबर को अग्रसेन जयंती की छुट्टी है। इतनी लंबी छुट्टियों में वोटर बाहर घूमने निकल जाएंगे। इससे वोटिंग कम हो सकती है।
बड़ौली ने लेटर में यह भी बताया कि 2 अक्टूबर को राजस्थान में मुकाम धाम में आसोज का मेला शुरू होगा। यह बिश्नोई समाज का बड़ा धार्मिक कार्यक्रम है। इस मेले में राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली से लोग पहुंचते हैं। हरियाणा में बिश्नोई समाज की जनसंख्या अधिक है। इसका असर भी वोटिंग पर हो सकता है।
इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर 1 अक्टूबर को होने वाले मतदान की तारीख को आगे बढ़ाने की BJP की मांग का समर्थन किया। उन्होंने लेटर में लिखा कि लोग आमतौर पर वीकेंड पर छुट्टियों पर जाते हैं, इसलिए यह निश्चित रूप से मतदान को प्रभावित करेगा। मत प्रतिशत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और मतदान प्रतिशत में 15 से 20 प्रतिशत की कमी होने की संभावना है।
इसके अलावा चुनाव के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण के साथ-साथ चुनाव की तैयारी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। हरियाणा में मतदाताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने और मतदान प्रतिशत को अधिकतम करने के लिए मतदान की तारीख/दिन को एक या दो सप्ताह तक आगे बढ़ाया जाए।
अपने आस-पास की खबरे देखने के लिए हमारा youtube चैनल Subscribe करे Subscribe करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करे https://www.youtube.com/bhiwanihulchal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *