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गुरुग्राम में 70 लाख के नकली इंजेक्शन मामले में खुलासा

गुरुग्राम में 70 लाख के इंजेक्शन की खेप पकड़े जाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम ने सेक्टर-62 की एक सोसाइटी में छापा मारकर नकली इंजेक्शन बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। ये लोग चीन से रॉ ड्रग्स मंगवा कर गुरुग्राम की सोसाइटी के फ्लैट में नकली इंजेक्शन बना कर मार्केट में सप्लाई करते थे।

वजन घटाने और डायबिटीज के इलाज में लोकप्रिय इटली की मूल कंपनी की दवा ‘माउनजारो’ (Mounjaro-Tirzepatide) के नकली इंजेक्शन बनाने के रैकेट में एक और आरोपी को पकड़ा है।

ड्रग कंट्रोल अधिकारी अमनदीप चौहान ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम कर रहे थे। वे चीन से इंजेक्शन का कच्चा माल (रॉ ड्रग्स) और सस्ते सीरिंज मंगवाते थे। इसके बाद गुरुग्राम के सेक्टर-62 और डीएलएफ फेज-4 के किराए के फ्लैट में पानी मिलाकर नकली इंजेक्शन तैयार करते थे। फर्जी पैकेजिंग, बारकोड लगाना और लेबलिंग का पूरा काम उसी फ्लैट में होता था। टीम को पैकेजिंग मशीनें भी बरामद हुई हैं।

माउनजारो इंजेक्शन मूल रूप से इटली की कंपनी द्वारा उत्पादित टिरजेपेटाइड आधारित दवा है, जो मुख्य रूप से टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए इस्तेमाल होती है। लेकिन भारत में इसकी भारी मांग वजन तेजी से घटाने (वेट लॉस) के कारण है।

पब्लिक हेल्थ एनालिस्ट समीर भाटी ने बताया कि कई बॉलीवुड सितारों समेत आम लोग भी मोटापा कम करने के लिए इसका इस्तेमाल करने लगे थे। इसी बढ़ती मांग का फायदा उठाकर आरोपियों ने नकली संस्करण बाजार में उतार दिया।

ड्रग कंट्रोल अधिकारी अमनदीप चौहान ने बताया कि हरियाणा एफडीए ने नकली दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई की है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल अधिकृत लाइसेंसधारी दवा विक्रेताओं या अस्पतालों से ही इंजेक्शन खरीदें। किसी भी संदिग्ध दवा या इंजेक्शन की सूचना तुरंत ड्रग कंट्रोल विभाग को दें, ताकि ऐसे खतरनाक रैकेट का समय रहते भंडाफोड़ किया जा सके।